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AN कॉलेज के पुस्तकालय सभागार में भावना शेखर की किताब ' एक सपना लापता' का लोकार्पण हुआ
 

आज मंगलवार को अनुग्रह नारायण (ए. एन) कॉलेज पटना के पुस्तकालय सभागार में अनुग्रह साहित्य परिषद एवं साहित्यिक संस्था आयाम के संयुक्त तत्वावधान में लोकार्पण समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर हिन्दी की सुपरिचित लेखिका डॉ. भावना शेखर की लिखी उपन्यास ' एक सपना लापता ' का लोकार्पण हुआ। लोकापर्ण समारोह में बिहार विधानसभा के सभापति अवधेश नारायण सिंह, प्रोफेसर अजय कुमार, पद्मश्री डॉ.उषाकिरण खान, प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह, डॉ.कृष्णा सिंह, प्रोफेसर बबन कुमार सिंह, प्रोफेसर शैलेश कुमार सिंह, प्रोफेसर सीमा प्रसाद, डॉ.नरेन्द्र कुमार, प्रोफेसर विनोद कुमार झा, डॉ.कुमार शैलेन्द्र ,डॉ. संजय कुमार सिंह, डॉ. विद्याभूषण सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं साहित्यिक जगत के सदस्य उपस्थित थे।

कार्यक्रम के आरंभ में महाविद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि यह उपन्यास निश्चित ही समाज को प्रेरित और प्रभावित करने वाला है। महाविद्यालय को लेखिका की रचनात्मक उपलब्धियों पर गर्व है। उन्होंने भावना शेखर को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। बिहार विधानसभा के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि सपना वह नहीं होता है, जो हम सोते हुए देखते हैं, बल्कि सपना वह होता है जो हमें सोने नहीं देता है। उपन्यास पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें पीड़ा की अनुभूति है। यह पीड़ा ही इस रचना के सृजन का स्रोत है। उन्होंने आगे कहा कि साहित्य हमें जीना सीखाता है। ऐसे साहित्यिक कार्यक्रमों में शामिल होना मुझे हमेशा अच्छा लगता है। 

सभापति अवधेश नारायण सिंह
बिहार विधानसभा सभापति अवधेश नारायण सिंह

वहीं इस लोकार्पण कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. उषाकिरण खान ने कहा कि इस उपन्यास से मैं उसी तरह गुजरी हूं, जिस तरह से इसकी लेखिका गुजरी है। इस उपन्यास के ड्राफ्ट को पढ़कर मैं अक्सर भावुक हो जाती थी। वहीं किताब के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि यह किताब आंसुओं की स्याही से लिखा गया है। यह आत्मकथात्मक उपन्यास है। कथावस्तु सर्वथा नवीन एवं इसकी भाषा उत्कृष्ट है। वरिष्ठ साहित्यकार भगवती प्रसाद द्विवेदी ने भावना शेखर के संदर्भ में कहा कि उनका व्यक्तित्व बहुआयामी है। वह संवेदनशील अनुभूतियों की कवयित्री हैं। उनका यह पहला उपन्यास अभिप्रेरणा और संवेदना एक साथ व्यक्त करता है। भगवती यह शोध और समर्पण का सुखद परिणाम है।

कार्यक्रम
कार्यक्रम

वहीं उपन्यास की लेखिका डॉ. भावना शेखर ने विस्तार से अपने उपन्यास की रचना प्रक्रिया और उसके सृजनात्मक पक्ष को सभा के बीच रखा। उपन्यास लेखन के दौरान जिन गहन अनुभूतियों से वह गुजरीं, उसे भी अभिव्यक्त किया। साथ ही उन्होंने उपन्यास के कुछ अंशों का पाठ भी किया। प्रसिद्ध साहित्यकार और अनुग्रह ज्योति पत्रिका के प्रधान संपादक प्रोफेसर कलानाथ मिश्र ने साहित्य और समाज के अंतर्संबंध पर चर्चा की और साथ ही इस लोकार्पण समारोह का सफल मंच संचालन भी किया। डॉ. हिना तब्बसुम ने कार्यक्रम के अंत में सभा में उपस्थित लोगों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

AN कॉलेज ने पटना के पुस्तकालय सभागार में युवा संवाद का एक कार्यक्रम किया आयोजित- https://newshaat.com/bihar-local-news/an-college-organized-a-program-of-youth-dialogue-in-the/cid5396613.htm