गया OTA में जांबाज जेंटलमैन कैडेटों ने दिखाए हैरतअंगेज कारनामें

गया। ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) में 12 जून को आयोजित पासिंग आउट परेड के पहले बुधवार की शाम भव्य मल्टी एक्टिविटी डिस्पले का प्रदर्शन किया गया. इस दौरान प्रशिक्षु कैडे‌ट्स सहित सेना के अधिकारियों ने हैरतअंगेज कारनामे की प्रस्तुति से उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया.

मल्टी एक्टिविटी डिस्प्ले के दौरान सैन्य अधिकारियों व कैडेट्स ने जमीन से लेकर आसमान तक भारतीय सेना के शौर्य का प्रदर्शन किया. इसमें जेंटलमैन कैडेट्स के सैन्य प्रशिक्षण एवं प्रेरक साहसिक कारनामों और युद्ध कौशल का शानदार नजारा प्रस्तुत किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सह निरीक्षण अधिकारी गया ओटीए के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल जीएवी रेड्‌डी थे.

वहीं दूसरी ओर मुख्य अतिथि का स्वागत मेजर जनरल एचएस सोही डिप्टी कमांडेंट ओटीए के द्वारा किया गया. इस अवसर पर बड़ी तादाद में जेंटलमैन कैडेट्स सैन्य अधिकारी मौजूद थे.

आपको बता दें ओटीए गया की स्थापना मानसिक तौर पर मजबूत और साहसी सैन्य अधिकारी देने के उद्देश्य से हुई है. मल्टी एक्टिविटी डिस्पले में जेंटलमैन कैडेट्स की विविध दक्षता की प्रस्तुति दी गई, जो वे अपने प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्राप्त करते हैं.

मल्टी एक्टिवटी डिस्प्ले के दौरान सैन्य अधिकारियों व कैडेट्स द्वारा रोंगटे खड़ा करने और स्तब्ध कर देने वाली प्रस्तुतियां दी गई. इसमें जेंटलमैन कैडेट्स द्वारा शो जंपिंग, माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट के द्वारा फ्लाई पास्ट, जिम्नास्टिक, शारीरिक प्रशिक्षण प्रदर्शन, मलखंभ, गटका, और बैंड डिस्प्ले का प्रदर्शन  किया गया, जो खुद में आश्चर्यजनक था.

वहीं मल्टी एक्टिविटी डिस्पले का समापन शानदार आतिशबाजी के साथ हुआ. विदित हो कि 12 जून को ओटीए में 19 वें पासिंग आउट परेड का आयोजन है. पासिंग आउट परेड के साथ ही ओटीए एक बार फिर देश को 20 सैन्य अधिकारी सौंपेगा.

ओटीए, गया देश में स्थित प्री कमीशनिंग सैन्य अकादमियों में तीसरी ईकाई है, जिसकी स्थापना 18 जुलाई 2011 को हुई. इस अकादमी की शुरुआत पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह के द्वारा 14 नवंबर 2011 को की गई थी.

अकादमी का प्रतीक चिह्न की पृष्ठभूमि में दो रंग है, जिसमें आधे ऊपर ग्रे रंग और आधे नीचे रक्तिम लाल रंग के ऊपर धर्म चक्र पर आपस में क्रॉस पर जुड़ी दो तलवारें हैं. अकादमी का आदर्श वाक्य देवनागरी में शौर्य, ज्ञान, संकल्प है. अकादमी के सभी अधिकारी और जेंटलमैन कैडेट्स जो भविष्य के सैन्य अगुआ हैं, वो इस आदर्श वाक्य को जीते हैं.