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प्रधानमंत्री मोदी ने भरूच में ‘उत्कर्ष समारोह’ को किया संबोधित, एक दृष्टिविहीन लाभार्थी से बात कर भावुक हुए PM
 

गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भरूच में ‘उत्कर्ष समारोह’ में हिस्सा लिया. इस समारोह में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद थे. वैसे बता दें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दृष्टिविहीन लाभार्थी से बात की. उस दृष्टिविहीन लाभार्थी से बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावुक हो गए.

 उत्कर्ष समारोह में एक बेटी का सपना सुनकर भावुक हुए PM नरेंद्र मोदी, बोले-  कोई मदद चाहिए हो तो मुझे बताएं | TV9 Bharatvarsh

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से बात की. इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अयूब पटेल नाम के व्यक्ति से बात की. अयूब ने बताया कि वह सउदी अरब में थे, वहां उन्होंने आई ड्रॉप डाला, जिसका साइड इफेक्ट हुआ और उनकी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कर जाती रही. इतना ही नहीं अयूब पटेल ने प्रधानमंत्री मोदी को अपनी बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के बारे में भी बताया. उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अयूब की बेटी से पूछा कि वह डॉक्टर क्यों बनना चाहती है. उसने बताया कि पापा की हालत देखकर यह फैसला लिया. वहीं ये बात सुनने के बाद प्रधानमंत्री भावुक हो गई. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके मदद की पेशकश की . उन्होंने कहा कि अपनी बेटी के सपने को पूरा करने के लिए अगर आपको किसी मदद की जरूरत हो तो मुझे बताएं.

गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भरूच में 'उत्कर्ष  समारोह' में हिस्सा लिया | सच्चाईयाँ न्यूज़

आपको बता दें ‘‘उत्कर्ष समारोह’’ को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया. यह आयोजन भरूच जिले में राज्य सरकार की चार प्रमुख सरकारी योजनाओं के शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा होने के अवसर पर किया गया है. वहीं अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, 'ये उत्कर्ष समारोह इस बात का प्रमाण है कि जब सरकार ईमानदारी से, एक संकल्प लेकर लाभार्थी तक पहुंचती है, तो कितने सार्थक परिणाम मिलते हैं. मैं भरूच जिला प्रशासन को, गुजरात सरकार को सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी 4 योजनाओं के 100 फीसदी पूरा होने के लिए बधाई देता हूं.'

आगे उन्होंने कहा कि, अक्सर जानकारी के अभाव में अनेक लोग योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं. कभी-कभी योजनाएं कागजों पर रह जाती हैं, लेकिन जब इरादा साफ हो, नीति साफ हो, नेकी से काम करने का इरादा हो, सबका साथ-सबका विकास की भावना हो, तो इससे नतीजे भी मिलते हैं.