अप्रैल की पहली तारीख से बदल गये ये नियम, जानें

अप्रैल महीने का आगमन कई नए बदलावों के साथ हुआ है, जो हमारे रोज़मर्रा के जीवन को प्रभावित कर सकते हैं। इन बदलावों में से कुछ सीधे हमारे वित्तीय निर्णयों, टैक्स प्रणाली, और अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं से जुड़े हैं। चाहे वह गैस सिलेंडर की कीमतों में कमी हो, या फिर नई टैक्स व्यवस्था, हर एक बदलाव का असर हमारे जीवन पर पड़ेगा। इसी के साथ, कुछ योजनाओं का अंत और कुछ नई योजनाओं की शुरुआत भी हुई है।
ये हैं अहम बदलाव:
1. कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कमी: 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹44.50 तक घट गई है। दिल्ली में यह ₹41 घटकर ₹1762 का हो गया है, जबकि पहले इसकी कीमत ₹1803 थी। कोलकाता में इसकी कीमत ₹44.50 घटकर ₹1868.50 हो गई है, और मुंबई में ₹42 की कमी के साथ यह ₹1713.50 में उपलब्ध होगा।

2. नई टैक्स व्यवस्था में बदलाव: अब 12 लाख रुपये तक की वार्षिक कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए यह सीमा 12.75 लाख रुपये होगी, जिसमें 75 हजार का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी शामिल होगा। पुरानी टैक्स व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
3. महिला सम्मान सेविंग्स सर्टिफिकेट (MSSC) की समाप्ति: सरकार द्वारा महिलाओं के लिए शुरू की गई 'महिला सम्मान सेविंग्स सर्टिफिकेट' योजना 31 मार्च 2025 से बंद कर दी गई है। इसमें 7.5% सालाना ब्याज मिल रहा था, और इसमें न्यूनतम ₹1000 से लेकर अधिकतम ₹2 लाख तक का निवेश करना होता था।
4. गाड़ियों की कीमतों में वृद्धि: प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों जैसे मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, किआ इंडिया, हुंडई इंडिया, और होंडा कार्स ने आज से अपनी गाड़ियों की कीमतें बढ़ा दी हैं। मारुति सुजुकी की गाड़ियां 4% तक महंगी हो गई हैं।
5. UPI ट्रांजैक्शन के लिए मोबाइल नंबर का एक्टिव रहना जरूरी: अगर आपका बैंक से लिंक्ड मोबाइल नंबर लंबे समय से इनएक्टिव है, तो अब आप UPI ट्रांजैक्शन नहीं कर पाएंगे। ऐसे नंबरों को UPI सिस्टम से हटा दिया जाएगा, जिससे पेमेंट में परेशानी हो सकती है।
6. वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स छूट में बढ़ोतरी: अब वरिष्ठ नागरिकों को बैंक और पोस्ट ऑफिस के ब्याज पर मिलने वाली टैक्स छूट ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी गई है। इससे उनकी ब्याज कमाई पर अधिक राहत मिलेगी।
7. केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम: केंद्रीय कर्मचारी अब यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का लाभ ले सकते हैं। इस स्कीम में 25 साल की सेवा वाले कर्मचारियों को अपने अंतिम 12 महीनों के औसत वेतन का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा, और न्यूनतम पेंशन ₹10,000 प्रति माह होगी।
8. यूलिप पर कैपिटल गेन टैक्स: यदि यूलिप (यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान) का प्रीमियम ₹2.5 लाख से अधिक है, तो इसे कैपिटल एसेट माना जाएगा और इसे भुनाने पर कैपिटल गेन टैक्स लगेगा।
9. मिनिमम बैलेंस के नियमों में बदलाव: SBI, PNB, और केनरा बैंक जैसे बैंकों ने मिनिमम बैलेंस के नियमों में बदलाव किया है। अब बैलेंस की राशि आपके खाते के स्थान (शहरी, अर्ध-शहरी या ग्रामीण) पर निर्भर करेगी।
10. फास्टैग में बदलाव और अनिवार्यता: फास्टैग अब सभी वाहनों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। यह RFID टैग वाहन के विंडस्क्रीन पर चिपकाया जाता है और सीधे बैंक अकाउंट से जुड़ा होता है। यदि फास्टैग नहीं होगा, तो आपको दोगुना टोल चुकाना पड़ेगा।
ये बदलाव आपके दैनिक जीवन और वित्तीय योजनाओं पर असर डाल सकते हैं, इसलिए इन्हें ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति बनाना जरूरी है।