जदयू के MLC पहुंचे लालू यादव के पास, गुलाम गौस ने बताई मुलाकात की वजह

राजनीतिक महकमे में पिछली बार सरकार के सहयोगी दल और विधायकों के इधर-उधर जाने की चर्चाएं जोरों पर थी। वह मकर संक्रांति का समय था। उस समय एनडीए के सहयोगी और चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस अंधेरे में लालू प्रसाद यादव से मिलने गये थे। खेमा बदलने की चर्चा इसलिए होने लगी थी क्यों कि पशुपति पारस पिछले दरवाजा से राबड़ी आवास प्रवेश किये थे। ठीक उसी तरह की चर्चा आज फिर उस समय होने लगी, जब जदयू एमएलसी गुलाम गौस राबड़ी आवास पहुँच गये और लालू प्रसाद यादव के साथ-साथ राबड़ी देवी से भी मुलाकात की। जी हां वह जदयू के एमएलसी गुलाम गौस हैं, जिन्होंने आज राबड़ी आवास में लालू यादव से मुलाकात की है। उनकी इस मुलाकात के अब कई मायने निकाले जा रहे हैं।
राबड़ी आवास पर जदयू एमएलसी गुलाम गौस राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव से मुलाकात किये। बातचीत भी हुई। लालू प्रसाद यादव से मिलकर जब गुलाम गौस बाहर निकले तो पत्रकारों ने इस मुलाक़ात के मतलब पूछने लगे। तब गुलाम गौस ने जवाब देते हुए कहा कि इस मुलाकात के राजनीतिक मायने न निकालें जाएं। उन्होंने कहा कि मेरा यहां आना और लालू प्रसाद यादव से मिलना कोई नयी बात नहीं है। लेकिन ईद के बहाने गुलाम गौस का राबड़ी आवास आना और लालू यादव से मुलाकात करना फिलहाल चर्चा का विषय बन गया है।

आपको बता दें कि वक्फ बिल में संशोधन को लेकर कई मुस्लिम संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। कुछ मुस्लिम संगठनों ने मांग की थी कि नीतीश कुमार भी इस बिल के खिलाफ उनका समर्थन करें। मुस्लिम नेता गुलाम गौस और लालू प्रसाद यादव की यह मुलाकात इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि केंद्रीय मंत्री अमित शाह का एक दिन पहले ही बिहार दौरा खत्म हुआ है और अगले दिन जदयू एमएलसी ने लालू से भेंट की है।
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को गुलाम गौस ने ईद की मुबारकबाद दी है। मीडिया से बातचीत में गुलाम गौस ने कहा कि रमजान का महीना बेहद पाक होता है। अपनी इंद्राणियों पर काबू पाना ही रोजा होता है। असली जिहाद बुराइयों के खिलाफ लड़ना और अपने मन को पाक साफ रखना ही है। गुलाम गौस ने लालू प्रसाद यादव से अपनी मुलाकात को व्यक्तिगत बताया और इसे राजनीतिक रंग ना देने की अपील की है।