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अवैध कोयला खदान में धधकती आग बनी काल, जिंदा समा गया मजदूर, तलाश जारी

अवैध कोयला खदान में धधकती आग बनी काल, जिंदा समा गया मजदूर, तलाश जारी

रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र स्थित भुचुंगडीह गांव में भैरवी नदी के किनारे संचालित अवैध सुरंगनुमा कोयला खदान में आग बुझाने के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। आग की लपटों से जूझते हुए मजदूर रविंद्र महतो खदान में समा गया और तब से उसका कोई पता नहीं चल पाया है। हादसे के बाद सीसीएल, पुलिस और माइंस रेस्क्यू की टीमें मौके पर डटी हुई हैं, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।

मजदूर रविंद्र महतो

जानकारी के अनुसार, यह खदान पिछले एक महीने से आग की चपेट में है, जिसकी जानकारी प्रशासन, वन विभाग और सीसीएल को पहले ही मिल चुकी थी। बावजूद इसके आग को नियंत्रित करने के ठोस उपाय नहीं किए गए। इसी दौरान गुरुवार देर रात आग बुझाने के कार्य में लगे खोखा (बंदा), गोला निवासी रविंद्र महतो अचानक जमीन धंसने से आग की गहराइयों में चला गया।

प्रत्यक्षदर्शी गांधी महतो ने बताया कि रविंद्र पाइप से आग बुझाने का प्रयास कर रहा था तभी भूमि धंसने लगी और वह भीतर समा गया। आसपास मौजूद लोग उसे बचाने की कोशिश में जुटे लेकिन भयंकर आग के कारण वे नाकाम रहे। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और सीसीएल प्रबंधन ने इस खदान में लगी आग को हल्के में लिया, न ही कोई सुरक्षात्मक कदम उठाए गए।

घटना की जानकारी मिलते ही रजरप्पा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार, सीसीएल रजरप्पा के महाप्रबंधक कल्याणजी प्रसाद समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे, मगर उन्हें ग्रामीणों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए रामगढ़ उपायुक्त चंदन कुमार, एसपी अजय कुमार और विधायक ममता देवी ने भी घटनास्थल का दौरा किया और लापता मजदूर के परिजनों से मुलाकात कर हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।

डीसी चंदन कुमार ने बताया कि अवैध खदान में लगी आग बुझाने का प्रयास जारी है और लापता मजदूर को खोजने के लिए राहत व बचाव कार्य रातभर से जारी है। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते उचित कदम उठाए गए होते, तो यह हादसा टाला जा सकता था।