सिरम टोली सरना स्थल के पास फ्लाईओवर रैंप हटाने को लेकर तनाव बढ़ा, पुलिस से उलझे प्रदर्शनकारी

रांची के सिरम टोली स्थित सरना स्थल के पास फ्लाईओवर के रैंप को हटाने को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। आदिवासी संगठनों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है और 30 मार्च को सिरम टोली में कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश भी की गई। दरअसल सिरमटोली बचाओ मोर्चा के बैनर तले सरना धर्मावलंबियों का समूह पुलिस से भिड़ गया। आंदोलनकारियों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की और रैंप को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। इस आंदोलन का नेतृत्व पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव कर रही थीं, जिनके साथ प्रेम शाही मुंडा सहित कई आदिवासी नेता मौजूद थे। गीताश्री उरांव का कहना है कि सरकार इस मुद्दे का हल निकालने में कोई रुचि नहीं ले रही है।
पुलिस ने रखा संयम, बढ़ाई सुरक्षा
भीड़ की तीव्रता को देखते हुए पुलिस ने पूरी सतर्कता बरती। रांची के एसडीएम उत्कर्ष कुमार ने आंदोलनकारियों से वार्ता करने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे कि सरना स्थल के पास से पूरे रैंप को हटाया जाए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने वहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है।

सरहुल शोभायात्रा के कारण बढ़ा तनाव
1 अप्रैल को सरहुल का त्योहार है, जिसमें विभिन्न अखाड़ों से आदिवासी समाज के लोग शोभायात्रा निकालते हैं, जो सिरम टोली स्थित सरना स्थल पर संपन्न होती है। लेकिन फ्लाईओवर के रैंप के निर्माण के कारण मुख्य द्वार के पास का स्थान संकुचित हो गया है। प्रशासन ने रैंप के आकार को थोड़ा छोटा कर दिया है ताकि शोभायात्रा प्रभावित न हो, लेकिन प्रदर्शनकारी इसे पूरी तरह से हटाने की मांग कर रहे हैं।
पहले भी हो चुका है प्रदर्शन
रैंप हटाने की मांग को लेकर पहले भी बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं। हाल ही में रांची बंद का आह्वान भी किया गया था, जिसका व्यापक असर देखने को मिला। हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि इस मुद्दे को जानबूझकर तूल दिया जा रहा है। फिलहाल, प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती 1 अप्रैल को सरहुल शोभायात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है।