Movie prime
संजय राउत के घर ED : 10 अफसर 4 घंटे से कर रहे पूछताछ, हिरासत में लेने की तैयारी...
 

शिवसेना सांसद संजय राउत पर रविवार सुबह बड़ी कार्रवाई हुई है. जानकारी के मुताबिक, सुबह साढ़े सात बजे उनके आवास पर प्रवर्तन निदेशालय ED की टीम पहुंची है. माना जा रहा है कि ईडी की टीम राउत को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है. राउत पर जांच में सहयोग न करने का आरोप है. अभी राउत के कमरे की तलाशी ली जा रही है. टीम में करीब 10 से 12 अफसर हैं. इनमें से सात राउत के घर पर हैं. बाकी उनके दो करीबियों के घर कार्रवाई कर रहे हैं. राउत के अलावा उनके परिवार से भी पूछताछ की रही है. महाराष्ट्र के 1034 करोड़ के पात्रा चॉल जमीन घोटाला मामले में ED की टीम संजय राउत से पूछताछ कर रही है. वहीं, ED दफ्तर पर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है.  संभावना है कि राउत को हिरासत में लेकर यहां लाया जा सकता है.

संजय राउत(फाइल)

बता दें कि उन्हें 27 जुलाई को ED ने तलब किया था. वह अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुए थे. इसके बाद ED के अधिकारी उनके घर पहुंचे हैं. संजय राउत और उनके विधायक भाई सुनील राउत दोनों इस वक्त अपने भांडुप के बंगले मैत्री पर मौजूद हैं.

वहीं, ED की कार्रवाई शुरू होने के बाद संजय राउत ने ट्वीट करके अपनी सफाई दी. राउत ने कहा- मेरा किसी घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है. मैं शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की शपथ लेकर यह कह रहा हूं. बालासाहेब ने हमें लड़ना सिखाया है. मैं शिवसेना के लिए लड़ना जारी रखूंगा. यह झूठी कार्रवाई है. झूठा सबूत है. मैं शिवसेना नहीं छोड़ूंगा. मैं मर भी जाऊं तो समर्पण नहीं करूंगा.

संजय राउत के घर के बाहर बैठे शिवसेना कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ED की कार्रवाई केंद्र सरकार के इशारे पर हुई है।

संजय राउत के घर ED की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही शिवसेना कार्यकर्ता उनके घर के बाहर जमा होना शुरू हो गए हैं. कार्यकर्ता केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं.

ईडी संजय राउत के मुंबई होम में पात्रा चॉल भूमि घोटाले पर उन्हें ग्रिल करने  के लिए; शिवसेना नेता ने इसे 'झूठा मामला' बताया, कहा 'मेरी पार्टी ...

दरअसल, यह मामला मुंबई के गोरेगांव इलाके में पात्रा चॉल से जुड़ा है. यह महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी का भूखंड है. इसमें करीब 1034 करोड़ का घोटाला होने का आरोप है. इस केस में संजय राउत की नौ करोड़ रुपए और राउत की पत्नी वर्षा की दो करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त हो चुकी है. आरोप है कि रीयल एस्टेट कारोबारी प्रवीण राउत ने पात्रा चॉल में रह रहे लोगों से धोखा किया. एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस भूखंड पर 3000 फ्लैट बनाने का काम मिला था. इनमें से 672 फ्लैट पहले से यहां रहने वालों को देने थे. शेष MHADA और उक्त कंपनी को दिए जाने थे. लेकिन साल 2011 में इस विशाल भूखंड के कुछ हिस्सों को दूसरे बिल्डरों को बेच दिया गया था. 2020 में महाराष्ट्र में सामने आए PMC बैंक घोटाले की जांच हो रही थी. तभी प्रवीण राउत की कंस्ट्रक्शन कंपनी का नाम सामने आया था. तब पता चला कि बिल्डर की पत्नी के बैंक खाते से संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत को 55 लाख रुपए का कर्ज दिया गया था. ED की टीम इसी बात की जांच कर रही है कि ये ट्रांजेक्शन क्यों किया गया. आरोप है कि संजय राउत ने इसी पैसों से दादर में एक फ्लैट खरीदा था. प्रवीण राउत गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व निदेशक हैं.