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टूटे फूटे मकान में दिन काट रही करोड़ों की मालकिन अर्पिता की मां, मुफलिसी में गुजर रहे हैं दिन
 

अर्पिता मुखर्जी के घर ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की. इस दौरान बेहिसाब पैसा मिला, नोटों का पहाड़ खड़ा हो गया. वहीं उसके दूसरे फ्लैटों की जानकारी मिली. यही नहीं, उसके पास चार लग्जरी कारें भी हैं. जिसके बारे में ईडी रेड के दौरान जानकारी सामने आई. इन सभी के बीच सबसे हैरान करने वाली बात यह है लग्जरी जिंदगी जीने वाली अर्पिता मुखर्जी की मां कोलकाता से कुछ ही दूरी पर पुश्तैनी मकान में रह रही हैं. खबरों के मुताबिक, यह मकान पूरी तरह से जर्जर हो चुका है. बेटी के घर में जहां रूपए का अंबार मिला तो वहीं मां जर्जर मकान में रहकर गुजर कर रही हैं.

अर्पिता मुखर्जी की मां कोलकाता से महज कुछ किलोमीटर उत्तर 24 परगना के बेलघोरिया इलाके में पुश्तैनी मकान में रहती हैं. 50 साल पुराना यह मकान पूरी तरह से जर्जर हो चुका है. जी हाँ बेटी के पास इतना बेहिसाब पैसा होने के बावजूद मां मुफलिसी में जीवन गुजार रही हैं. जहां एक ओर उनकी बेटी अर्पिता लग्जरी लाइफ को जी रही थी, वहीं दूसरी ओर मां के पास अपनी जरूरतें भी पूरी करने का सामान नहीं है.

अर्पिता की मां कोलकाता से कुछ किमी दूर अपने पुश्तैनी मकान में रह रही हैं. ये मकान अब पूरी तरह जर्जरावस्था में पहुंच चुका है. उनकी मां 50 साल पुराने इस मकान में अकेले रहती हैं. वे बुजुर्ग हैं और बीमार रहती हैं. हलाकि अर्पिता ने अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए दो हाउस हेल्प का इंतजाम कर रखा है, जो उनके भोजन पानी और अन्य जरूरतों का ध्यान रखती हैं. इलाके के लोगों के मुताबिक अर्पिता कभी कभार अपनी मां से मिलने एक कार से आया करती थी, लेकिन वह यहां लंबे समय तक नहीं रुकती थी.

बता दें कि पश्चिम बंगाल में शिक्षा घोटाले की जड़े खंगालने में लगी ईडी फुल एक्शन में है. एजेंसी पार्थ चटर्जी से जुड़े करीब 17 ठिकानों पर छापा मार चुकी है. एक दर्जन से ज्यादा नए ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी है. डायमंड सिटी के फ्लैट पर 22 जुलाई को छापा पड़ा. बेलघोरिया के दो फ्लैट पर 27 जुलाई को छापा पड़ा, और चिनार पार्क का फ्लैट जहां 28 जुलाई को ईडी दबिश दी. अब तक अर्पिता के चार फ्लैट्स पर ED छापेमारी कर चुकी है.

जांच एजेंसियों के अनुसार शिक्षा भर्ती घोटाले में अर्पिता मुखर्जी की संलिप्तता थी. बताया जा रहा है कि अर्पिता मुखर्जी पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी हैं. पार्थ चटर्जी, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में शिक्षा मंत्री भी रहे हैं. अब सवाल ये भी उठ रहे हैं कि बांग्ला फिल्मों में कभी साइड रोल करने वाली अर्पिता मुखर्जी, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में गिने जाने वाले पार्थ चटर्जी की करीबी कैसे बन गईं.

वहीं, पार्थ चटर्जी पश्चिम बंगाल सरकार में कद्दावर नेता हैं. वह बंगाल में दुर्गा पूजा आयोजन को लेकर भी चर्चा में रहते हैं. अर्पिता मुखर्जी 2019 और 2020 में पार्थ चटर्जी के दुर्गा पूजा समारोह का चेहरा भी रह चुकी हैं. अर्पिता मुखर्जी के घर पर छापा पड़ने के बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें पोस्ट की हैं. इनमें पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी नकटला उदयन संघ की दुर्गा पूजा के उद्घाटन अवसर पर देखी गयी थीं.

बता दें कि अर्पिता मुखर्जी के घर पर अभी तक ईडी ने दो बार छापेमारी की और दोनों बार नोटों के जखीरे मिले और सोने के जेवरात भी बरामद किए. नोटों का अर्पिता के घर इतना अंबार लगा था कि ईडी को नोट गिनने वाली मशीन की मदद लेनी पड़ी और ट्रक में रूपए को लादकर अर्पिता के घर से ले जाना पड़ा. जिसके कारण वो देशभर में चर्चा का केंद्र हैं. इसी बीच अब अपनी मां को लेकर भी उनके ऊपर सवाल उठना शुरू हो गए हैं.