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243 सीटों पर चिराग पासवान के ऐलान से JDU बौखलाई, गोपाल मंडल बोले - NDA के बिना ‘जीरो’ हैं चिराग

 
gopal mandal or chirag paswan

Patna: बिहार में 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले सियासत गर्म है। लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के 243 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने के ऐलान ने एनडीए गठबंधन में हलचल मचा दी है। इस बयान पर JDU विधायक गोपाल मंडल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और चिराग को 'शून्य' करार दिया है।

गोपाल मंडल का चिराग पर हमला: “बड़े बाप का बेटा होना ही काफी नहीं”

गोपाल मंडल ने कहा कि चिराग पासवान कुछ नहीं हैं, वह जीरो पर आउट हैं। उनके पिता रामविलास पासवान मजबूत नेता थे, लेकिन चिराग में वह बात नहीं है। NDA के सहारे वो बड़े बयान दे रहे हैं। अगर बीजेपी और JDU साथ छोड़ दे, तो चिराग एक भी सीट नहीं जीत सकते हैं। 

इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि मंडल ने यह भी कहा कि चिराग के बयानों में 'लड़कों वाली नासमझी' साफ तौर पर झलकती है। इसलिए चिराग को थोड़ा सोच-समझकर बोलना चाहिए।

चिराग की रणनीति: दबाव की राजनीति या वर्चस्व की चाह?

विश्लेषकों का मानना है कि चिराग पासवान का यह ऐलान NDA पर दबाव बनाने की रणनीति हो सकती है। खासकर सीट बंटवारे को लेकर चल रही अंदरूनी तनाव के बीच यह बयान महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग ने JDU के खिलाफ अकेले मोर्चा खोलते हुए 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। जिससे JDU को करारी चोट पहुंची और वह सिर्फ 43 सीटों पर सिमट कर रहे गए। 

NDA के भीतर अनबन के संकेत?

गोपाल मंडल के तीखे बयान से यह साफ है कि NDA के भीतर सब कुछ सही नहीं चल रहा है। चिराग की महत्वाकांक्षा बड़े हिस्से की मांग और मुख्यमंत्री पद की चाह, JDU को असहज कर रही है। वहीं चिराग अपने बयानों से भविष्य में स्वतंत्र राजनीति की ज़मीन भी तैयार करते नजर आ रहे हैं।