'मोदी सरकार में आतंकवादी जेल जाएंगे या जहन्नुम': राज्यसभा में बोले नित्यानंद राय
Updated: Mar 19, 2025, 21:20 IST

गृह राज्यमंत्री ने कहा, "पहले आतंकवादियों का महिमामंडन किया जाता था. उन्हें अच्छा खाना परोसा जाता था. आज मोदी सरकार आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ काम कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप देश के भीतरी इलाकों में कोई आतंकी घटना नहीं हुई है. देश में आतंकी गतिविधियों में 71 प्रतिशत की कमी आई है. यह मोदी सरकार है जो आतंकवाद को समाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम करेगी. आतंकवादी या तो जेल जाएंगे या जहन्नुम जाएंगे."
मंत्री ने एनआईए के खिलाफ शिकायतों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया. भाकपा सांसद संतोष कुमार द्वारा संघीय एजेंसी के खिलाफ कथित शिकायतों का मुद्दा उठाए जाने के बाद उन्होंने कहा, "मैं इस आरोप से सहमत नहीं हूं कि एनआईए के खिलाफ शिकायतें हैं. अगर कोई शिकायतें हैं भी तो वे मनगढ़ंत और निराधार हैं. जो ऐसे लोगों द्वारा की गई हैं, जिन्हें आतंकवादियों के खिलाफ की जा रही कड़ी कार्रवाई से परेशानी हो रही है."

आतंकवाद से संबंधित मामलों पर उन्होंने कहा कि जम्मू और रांची में विशेष अदालतें स्थापित की गई हैं. देश में अन्य स्थानों पर 23 ऐसी अदालतें हैं जो विशेष रूप से ऐसे मामलों से निपटती हैं. गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम या अन्य आतंकी मामलों के तहत आरोपित विचाराधीन कैदियों और दोषियों की संख्या के बारे में मंत्री ने कहा कि अब तक अदालतों द्वारा 157 मामलों में निर्णय दिया जा चुका है. कुल मामलों का 95.54 प्रतिशत है.
नित्यानंद राय ने कांग्रेस सदस्य दिग्विजय सिंह पर भी कटाक्ष किया जिन्होंने 2011 से अब तक लंबित पड़े बम विस्फोट मामलों का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा कि सदस्य द्वारा जिन घटनाओं का उल्लेख किया गया है, उनके समय का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है जो उनके कार्यकाल के दौरान घटित हुई थीं. उन्होंने कहा कि अब अंदरूनी इलाकों में कोई भी घटना नहीं हो रही है.
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने कहा कि 57 व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया गया है. 2014 से अब तक नौ संगठनों को यूएपीए के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है. उन्होंने सदन को बताया कि अब तक 23 संगठनों को गैरकानूनी घोषित किया गया है. मंत्री ने सदन को बताया कि मानव तस्करी के 23 मामलों, बम हमलों के 30 मामलों और साइबर अपराध के एक मामले की जांच की जा रही है, जिससे आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिल रही है.
नित्यानंद राय ने कहा कि 2019 में एनआईए अधिनियम में संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई. आतंक और साइबर प्रौद्योगिकी के उपयोग के मामलों से निपटने के लिए ऐसा किया गया. उन्होंने कहा कि एजेंसियों को आतंकवाद और मानव तस्करी से संबंधित मामलों में देश के बाहर जांच करने का अधिकार दिया गया है. 2019 के संशोधन के बाद, एनआईए लंदन और ओटावा में भारत उच्चायोगों और सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमलों सहित छह मामलों की जांच कर रही है.एनआईए की उपलब्धियांः नित्यानंद राय ने बताया कि एनआईए ने अपनी स्थापना के बाद से 12 मार्च 2025 तक 652 मामले दर्ज किए हैं. 516 मामलों में आरोप पत्र दाखिल किया गया है. एनआईए द्वारा अब तक 4232 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 625 को दोषी ठहराया गया. मंत्री ने कहा कि कुल 157 मामलों में से 150 में दोषसिद्धि हुई है. एनआईए ने यूए(पी) के तहत कुल 551 (चल और अचल) संपत्तियां जब्त की है, जिनकी कीमत 116.27 करोड़ रुपये है.